શુક્રવાર, 6 જાન્યુઆરી, 2012

घर मे ईन्सान रहते है


लोग कहते है घर मे ईन्सान रहते है,
मैने देखा ईन्सान नही सामान रहते है,

नुमाईशोकी चीजो से भर रखा है वो घर,
अतीथी के लिये दिलमें अपमान रहते है,

बातोमें नये नये सीरीयलके बस आलाप,
नये फिल्मी अवतारोका बहुमान रहते है,

नये खरीद् लाये वस्तुओ के दाम बताना,
महेंगाई जुठलाके खुदका सन्मान रहते है,

क्या यही है सब तरक्कीका दौर 'नीशीत'?
दिलो में ईन्सानीयत नही हैवान रहते है !!!!!

नीशीत जोशी 05.01.12

कैसे कैसे

कैसे कैसे वो गम होते है,
कुछ गम तो कम होते है,
रोशन दिखे पुनमका चांद,
अमावस्यामें नम होते है,
आंखोसे पीनेवाले वल्लाह,
वो मनसूबो में दम होते है,
खामोशी फरमाती है बाते,
तबतो लब्ज नरम होते है,
पापपुर्णके फेरे में है ईन्सान,
कुछतो अपने करम होते है ।
नीशीत जोशी 04.01.12

बेवफाई खुद करते हो


जीन्दगी अब कैसे गुजरेगी आराम के साथ,
तुम जो नाम लेते हो कुछ ईल्जाम के साथ,

नामुमकीनको किस तरह बदले मुमकीनमें,
अपने भी मीलते है आखरी सलाम के साथ,

मीटा देते वो मजबुरीया गर देते साथ मेरा,
तुम भी साथ हो लिये उस आवाम के साथ,

तुटा आयना जोडने की करते रहे थे कोशीश,
जोडके जी लेते महोब्बत के पैगाम के साथ,

बेवफाई खुद करते हो दिलको अपना कहकर,
ढाते रहो सीतम सहेंगे हर घाव ईनाम के साथ ।

नीशीत जोशी 03.01.12

चमन अब तो खील जायेगा


हर चमन अब तो खील जायेगा,
तेरा आंचल फिरसे मील जायेगा,

युं अब बेपरदा ना हो कोई तुजसे,
फकीरीमें लोग न बोझील जायेगा,

कोई शक्स की आंखे न होगी नम,
मौजोसे किनारा अब छील जायेगा,

तेरे नामके जादु से वाकिफ ईन्सान,
बीन प्यार के माना बुदजील जायेगा,

बुटे बुटे में करामत है तेरी मेरे नबी,
दरींदो का चहेरा अब तो शील जायेगा ।

नीशीत जोशी 02.01.12

happy new year

कर गया मुजे वोह तन्हा


मीलनकी आश लगायी मगर सपना बनाकर के,
मीलते रहे ख्वाबो में दिलसे सजना बनाकर के,

आहोशमें लेने की बात पे अंन्जान बन गये वोह,
जलाया दिल मेरा लकडी सा जलना बनाकर के,

खामोश नीगाहे बोलती रही बहोत अनकही बाते,
आंखो का समंदर खोला मगर हसना बनाकर के,

महोब्बतने बेवफाई दीखा के पीलाना भी सीखाया,
और खाते रहे अनगीनत घाव चखना बनाकर के,

इस से बहेतर क्या सजा थी जो वोह देता मुजको,
कर गया मुजे वोह तन्हा मगर अपना बनाकर के ।

नीशीत जोशी 29.12.11