भरी पीचकारी प्रेम रंग हो मीतवा
मारी पीचकारी होली में तोहे हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
पहेलो रंग भरो प्यार को उ मा
भर प्यार भरो रंग मार्यो तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
दुजो रंग भरो सदभाव को उ मा
भर सदभाव भरो रंग मार्यो तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
तीजो रंग भरो कर्म को उ मा
भर करवा करम रंग मार्यो तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
चौथो रंग भर्यो समरसता को उ मा
भर भर मार्यो रंग समरसताको तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
पंचम रंग भर्यो न्याय को उ मा
अन्याय से लडनको न्याय रंग रंग्यो तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
छठो रंग भर्यो परोपकारको उ मा
करन उपकार रंग्यो परोपकार तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
पुरन होने सो छ रंग भर्यो खुशी रंग उ मा
करन को सबने खुशी रंग्यो तो के हो मीतवा
सात रंग से नहाव्यो होलीमें तो के हो मीतवा
नीशीत जोशी
રવિવાર, 28 ફેબ્રુઆરી, 2010
આપીશુ

ભુલી વીતેલી ક્ષણો નવ જીવન આપીશુ
થોભાયેલા રૂધીરને નવો જોશ આપીશુ
પાછુ વળતા ભુલી જશો આપ પણ
યાદોને આપણે કોઇ નવુ નામ આપીશુ
રોકીશુ આપના આંખોના મોતીઓને
વહાવવા માટે અમે અમારી આંખો આપીશુ
'નીશીત જોશી'
શુક્રવાર, 26 ફેબ્રુઆરી, 2010
હોળીમા એવો તે રંગ મુજને સાવરીયા....

હોળીમા એવો તે રંગ મુજને સાવરીયા....
ન ચડે કોઇ બીજો રંગ મુજને સાવરીયા....
રંગેલી ગોપીઓને, રંગેલી તે રાધાને,
રંગમા એવા જ મુજને રંગી દે સાવરીયા....
હોળીમા એવો તે રંગ મુજને સાવરીયા....
બેસાડજે ખોળે પાડજે તારા પ્રેમમા,
નયનપટમા બસ તુ જ રહે એવો પાડજે સાવરીયા....
હોળીમા એવો તે રંગ મુજને સાવરીયા....
એવી તે આ હોળી રમાડ મુજને પ્યારે,
ન કોઇ ઇચ્છા રહે બાકી મુજની સાવરીયા....
હોળીમા એવો તે રંગ મુજને સાવરીયા....
નીશીત જોશી
ગુરુવાર, 25 ફેબ્રુઆરી, 2010
कुछ हो जायेगा
कैसे सोच लिया की हमे कुछ हो जायेगा
यमराज भी हमारा प्यार देख लौट जायेगा
सपने मे भी खयाल न लाना ऐसा कभी
वरना आया सपना भी उसी वक्त तुट जायेगा
नीशीत जोशी
यमराज भी हमारा प्यार देख लौट जायेगा
सपने मे भी खयाल न लाना ऐसा कभी
वरना आया सपना भी उसी वक्त तुट जायेगा
नीशीत जोशी
બુધવાર, 24 ફેબ્રુઆરી, 2010
होली का मजा लेलो

लेलो भाई लेलो होली का मजा लेलो
रंग बेरंगी सब रंगो का मजा लेलो
नाच गा कर धुम मचालो
गुलाल का गुलाबी मजा लेलो
बनाके दुश्मनको भी दोस्त
दोस्तो संग दोस्ती का मजा लेलो
न कोई छोटा न कोई बडा
फुलो जैसे बहारका मजा लेलो
रंगो और रंगाओ हुल्लड मचाओ
हर्षोल्लाससे इस होलीका मजा लेलो
नीशीत जोशी
મંગળવાર, 23 ફેબ્રુઆરી, 2010
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आपके प्यार के चर्चे हें सारे जहां में ऐसे,
उसे देख चांद भी अब कतराता है,
चमन के फुल खील उठते हे देख आपको,
पतझड भी अब आने को घबराता है !!!!
नीशीत जोशी
उसे देख चांद भी अब कतराता है,
चमन के फुल खील उठते हे देख आपको,
पतझड भी अब आने को घबराता है !!!!
नीशीत जोशी
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