મંગળવાર, 23 ફેબ્રુઆરી, 2010

.

आपके प्यार के चर्चे हें सारे जहां में ऐसे,
उसे देख चांद भी अब कतराता है,
चमन के फुल खील उठते हे देख आपको,
पतझड भी अब आने को घबराता है !!!!

नीशीत जोशी

ટિપ્પણીઓ નથી:

ટિપ્પણી પોસ્ટ કરો