
पी ली है बेहिसाब, मैं नशे में हूँ,
न दे पाऊंगा जवाब,मैं नशे में हूँ,
जलता है बदन, पानी नहीं यहाँ,
यहाँ है बस शराब, मैं नशे में हूँ,
सूज गयी है आँखे बहा के आंसू,
पीते रहे है वो आब,मैं नशे में हूँ,
हसते हसते वोह दे रहे थे ज़ख्म,
कैसे बताये हिसाब, मैं नशे में हूँ,
न पूछना कोई मेरे पीने का सबब,
रूठ गये है सब ख्वाब,मैं नशे में हूँ !
नीशीत जोशी 01.11.12
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