રવિવાર, 6 જાન્યુઆરી, 2013

મુશ્કિલ

Blue-Road-Sign-Word-Love-1368636 પ્રેમ નાં પંથે નીકળી પડ્યા છો, આ પથે આવવું નથી મુશ્કિલ, પણ નીકળવું છે બહુ મુશ્કિલ, એક વાર નીકળ્યા, કદમ ચાલ્યા જો સાથ, વળવું પાછું, છે મુશ્કિલ, પાછા વળી પણ ગયા, સહી બધી મુશ્કિલો, જીવન જીવવું બની જશે મુશ્કિલ . નીશીત જોશી 06.01.13

दिल को दिल से ना लगाया होता

68886_506025939419622_998677365_n दिल को दिल से ना लगाया होता, बेवफाई का एहसास ना पाया होता, भरम में ही रह जाते उम्र भर शायद, सितमगर ने अगर ना सताया होता, आँखे भी महफूज़ रहती रोये बगैर, अश्को का समंदर ना बहाया होता, नक्श-ऐ-पा न होते लाल रंग से भरे, कांटो की राह पे कदम ना बढ़ाया होता, वादियों की रूमानी रहती बरकरार, हसते हुए महबूब को ना रुलाया होता | नीशीत जोशी 05.01.13

इश्क के आरूज़

Make-Yourself-Dream-at-Night1-400x265 इश्क के आरूज़, किसीने हमें कभी सिखाया नहीं, दफ़न कर दिए जज्बात, हमने कभी जताया नहीं, भर के रखा है आँखों में अश्क का तूफानी समंदर, दिल में बसा ज़लज़ला किसीको कभी दिखाया नहीं, उतर आते है ख्वाब रातो को कोई फ़रीज़ा* हो जैसे,duty नींद के आगे मैंने कोई चौकीदार कभी बैठाया नहीं, जसारत* दिखा कर जश्न मनाते रहते है लोग यहाँ,daring परवाना जले नहीं इसीलिए चराग कभी जलाया नहीं, रोज़ वोह आ ही जाता है दर-ए-दिल पे दस्तक देने, है वोह एक शख्स जिस को मैंने कभी भुलाया नहीं | नीशीत जोशी 04.01.13

इसका गिला नहीं

Love-Rose-Wallpapers इसका गिला नहीं के बहोत गम उठाये है, बरबादिया नसीब मे लिखवा के आये है, अब कोई पूछता नहीं हाल-ऐ-दिल हमारा, वोह रकीब को भी हमने दिल से हँसाये है, उल्फत का नाम दे कर प्यार भुला दिया, रवायत समज के आँखों ने अस्क बहाये है, दिल को संदूक की तरहा इस्तमाल किया, कुचे कुचे में सिर्फ वोह बेवफा के साये है, बेचैन हो उठा है अब खुदा भी जन्नत में, आते हुए ख्वाब भी हमने उन्ही पे लुटाये है | नीशीत जोशी 02.01.13

મંગળવાર, 1 જાન્યુઆરી, 2013

नयी सुबह हुई

23408_537372906282493_1050719617_n नयी सुबह हुई, ये भी शाम ढले चली जायेगी, मुहोब्बत है, सितमगर राते भी सही जायेगी, गर छुपा के रखी हो दास्ताँ खुद के ख्वाब की, ग़ज़ल बन,महेफिल में सरेआम कही जायेगी, बुत बनके,करते रहोगे इन्तजार उनकी राह पे, आँखों को अश्क की बारीस तौफे में दी जायेगी, नजरे फेर लेने से, ऐसे तो नहीं बदलते है रिश्ते, रूमानी तभी आएगी जब बातो से गर्मी जायेगी, शाख से गिरे पत्तो पर ओस की बूंद गिरने पर, बदलते उन मौसम की राह भी बदली जायेगी | नीशीत जोशी 01.01.13

अब तो जाग जाओ, देश के नेता

rape_victim_bravery_1356008295_540x540 अब तो जाग जाओ, देश के नेता, जरासा तो शरमाओ, देश के नेता, आपकी भी तो होगी, माँ बेटिया, उन पे तो तरस खाओ,देश के नेता, हैवानो ने हैवानियत की हद कर दी, उनको सबक सिखाओ,देश के नेता, आँखे मुंध कर कब तक बैठे रहोगे, आवाम को न आजमाओ,देश के नेता, चुटे हुए नुमाइन्दे हो आप आवाम के, धरम तो अपना निभाओ,देश के नेता, ना कर सके कोई फिर ऐसा दुष्कर्म, क़ानून ऐसा कुछ बनाओ,देश के नेता !!!!!! नीशीत जोशी 23.12.12