બુધવાર, 14 માર્ચ, 2012

ऐसी न थी


पहले ऐसा तो न था, मेरी हालत ऐसी न थी,
आंखो में तो थे आंसू पर आफत ऐसी न थी,

मुन्तझीर थे उनकी मोहब्ब्त के खुश्क जहांमें,
मान बैठे थे उसे अपना पर बाबत ऐसी न थी,

बदख्तर मुनहसिर हो गये थे उनके प्यार में,
पर उसने तो कह दिया मेरी चाहत ऐसी न थी,

इन्तजार का आलम इतना बढा दीया था उसने,
रात सारी जागते रहे हमारी आदत ऐसी न थी,

नाजुक था बदन उनका नजाकत थी हर अदा में,
उनकी बांहो में लगता था 'नीर' राहत ऐसी न थी ।

नीशीत जोशी ' नीर ' 12/13.03.12
मुन्तझीर= one who is awaited खुश्क=dry
बदख्तर= unfortunate मुनहसिर= dependent

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